उदयपुर-राठ क्षेत्र में अब भाद्रपद शुक्ल 10 को एक साथ मनाया जाएगा नागवंशी समाज का नवा खाई त्योहार
उदयपुर नागवंशी समाज विकास परिषद का परंपरागत”नवा खाई त्योहार “अब प्रति वर्ष भाद्रपद शुक्ल 10 को संपूर्ण उदयपुर ,राठ क्षेत्र के नागवंशी समाज के सभी छोटे-बड़े एक ही तिथि भाद्रपद शुक्ल 10 को मनाने का फ़ैसला आज तारीख 13/9/2026 को कुकरगाँव के एक सामाजिक बैठक में लिया गया है l उदयपुर ,राठ, क्षेत्र के सभी ग्राम के नागवंशी समाज के मुखिया लोग बैठक में उपस्थित हुये थे l आनंद नाग ,नागवंशी समाज का संरक्षक के उधबोधन और दिशानिर्देश से शुरू हुआ l यहाँ गौर करने वाली बात ये है l कि नागवंशी समाज का “नवा खाई त्योहार ” वर्ष का नया फसल टिकरा धान के पकने के बाद सबसे पहले अन्न को चिवडा ,रोटी,और कगोरी भात को अपने-अपने ईस्टदेव ,दुल्हादेव , धरती माता सूर्य पिता और अपने पूर्वजों को अर्पण करते हैं उसके बाद में परिवार के सभी लोग एक साथ मिलकर खाते हैं l इस त्योहार का अपने आप में एक बहुत बड़ा महत्व है l इष्ट देव को जंगल का एक विशेष प्रकार का पेड़ का पत्ता में अर्पण किया जाता है l जिसको”भेलवा का पत्ता”कहते हैं इसकी टहनी को पूजा के बाद नागवंशी समाज के लोग अपने खेत के बीच में गाढ़ दिया जाता है l इसके पीछे का विश्वास ये है कि भेलवा की टहनी फसलो की देखभाल करेगा l भेलवा का पत्ता , फल,को छूने मात्र से भयानक एलर्जी ,शरीर में खुजली होता है,किसी किसी का शरीर में भयानक सूजन भी होता है l नया खानी के दिन करमा गाडने की प्रथा भी प्रचलित है करमा के टहनी को उपवास करके पूजा पाठ के बाद में काट कर लाया जाता है तथा गाढ़ने के बाद करम राजा की कहानी सुनी जाती है और पूजा पाठ भी किया जाता है करमा के दिन सभी रिश्तेदारो को आमंत्रित किया जाता है l क्या बूढ़ा क्या जवान सभी लोगो के द्वारा मित्रभाव से पूरी रात नाच गाना किया जाता है l और सवेरे ससम्मान पूजा पाठ करके पानी में विसर्जित किया जाता है l आदिवासी नागवंशी समाज में करमा त्योहार का बहुत बड़ा महत्त्व है l वैसे तो सबसे पहले एकादशी करमा,अष्टमी करमा,दसाई करमा,जितिया करमा सोहराई करमा का त्योहार मनाया जाता है l सबका अपना अपना अलग महत्त्व है l पर समय के साथ इन त्योहारों का महत्व को आज का युवा पीढ़ी आधुनिकता के चकाचौंध में भूल गया है l समय की माँग है कि पुन: इन त्योहारों की ओर लौटना होगा l जय नागदेवता